जब भी अमेरिका का नाम आता है, लोगों के मन में एक ऐसे देश की तस्वीर बनती है जहां ऊंची इमारतें, बड़ी कंपनियां, महंगी कारें और करोड़ों डॉलर की अर्थव्यवस्था है। अमेरिका को दुनिया का सबसे अमीर और सबसे ताकतवर देश माना जाता है। लेकिन इसी चमक के पीछे एक ऐसा सच भी छिपा है, जिसके बारे में अक्सर कम बात होती है — करोड़ों अमेरिकी ऐसे हैं जो अपने खाने का खर्च उठाने के लिए सरकार की मदद पर निर्भर हैं।
अमेरिका में इस सरकारी सहायता योजना को पहले “Food Stamp” कहा जाता था। आज इसका आधिकारिक नाम SNAP यानी Supplemental Nutrition Assistance Program है। यह योजना उन लोगों के लिए है जिनकी आय इतनी कम है कि वे अपने परिवार के लिए पर्याप्त भोजन नहीं खरीद सकते।
क्या होता है Food Stamp या SNAP?
SNAP अमेरिका की सबसे बड़ी खाद्य सहायता योजना है। इसके तहत सरकार गरीब और कम आय वाले लोगों को हर महीने एक तय राशि देती है, जिससे वे राशन खरीद सकें। यह पैसा सीधे बैंक कार्ड जैसे इलेक्ट्रॉनिक कार्ड यानी EBT (Electronic Benefit Transfer) कार्ड में आता है। लोग इस कार्ड से सुपरमार्केट, किराना दुकानों और कुछ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से भी खाने-पीने का सामान खरीद सकते हैं।
इस योजना का संचालन अमेरिकी कृषि विभाग (USDA) करता है। शुरुआत में लाभार्थियों को कागज़ी स्टैम्प दिए जाते थे, इसलिए इसे “Food Stamp” कहा जाता था। बाद में इसे डिजिटल सिस्टम में बदल दिया गया, लेकिन आम बोलचाल में आज भी कई लोग इसे फूड स्टैम्प ही कहते हैं।
अमेरिका की कितनी आबादी इस पर निर्भर है?
ताज़ा सरकारी आंकड़ों के अनुसार FY 2025 में हर महीने औसतन लगभग 4.21 करोड़ लोग SNAP का लाभ ले रहे थे। यह अमेरिका की कुल आबादी का करीब 12% से अधिक हिस्सा है। यानी लगभग हर 8 में से 1 अमेरिकी किसी न किसी रूप में सरकारी खाद्य सहायता पर निर्भर है।
यह संख्या अपने आप में बहुत बड़ी है। तुलना करें तो कई देशों की कुल आबादी भी इससे कम है।
विशेषज्ञों का कहना है कि कोविड महामारी के बाद महंगाई, किराए में बढ़ोतरी और रोज़गार अस्थिरता ने लाखों अमेरिकी परिवारों की आर्थिक स्थिति कमजोर कर दी। इसका असर SNAP पर निर्भर लोगों की संख्या में भी दिखाई दिया।
कौन लोग लेते हैं फूड स्टैम्प?
बहुत से लोगों को लगता है कि SNAP केवल बेरोजगार लोगों के लिए है, लेकिन वास्तविकता इससे काफी अलग है। अमेरिका में बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है जो नौकरी करने के बावजूद गरीबी में जीवन जी रहे हैं। इन्हें “Working Poor” कहा जाता है।
SNAP का लाभ लेने वालों में शामिल हैं:
- कम वेतन वाले कामगार
- बेरोजगार लोग
- बुजुर्ग नागरिक
- दिव्यांग लोग
- सिंगल मदर
- छोटे बच्चों वाले परिवार
- आर्थिक संकट से गुजर रहे लोग
रिपोर्ट्स के मुताबिक SNAP लेने वाले परिवारों में बच्चों और बुजुर्गों की संख्या काफी अधिक है। कई परिवारों के लिए यह योजना भूख से बचने का एकमात्र सहारा बन जाती है।
अमेरिका में गरीबी क्यों बढ़ रही है?
दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने के बावजूद अमेरिका में आर्थिक असमानता बहुत ज्यादा है। वहां अमीर और गरीब के बीच का अंतर लगातार बढ़ता जा रहा है।
1. महंगे घर और किराया
अमेरिका के बड़े शहरों जैसे न्यूयॉर्क, लॉस एंजेलिस और सैन फ्रांसिस्को में किराया इतना महंगा है कि कम वेतन वाले लोगों की आधी से ज्यादा आय सिर्फ रहने में चली जाती है।
2. स्वास्थ्य सेवाओं का भारी खर्च
अमेरिका में इलाज बेहद महंगा है। कई लोग मेडिकल बिल चुकाने के बाद आर्थिक रूप से टूट जाते हैं। जिनके पास अच्छा हेल्थ इंश्योरेंस नहीं है, उनके लिए स्थिति और कठिन हो जाती है।
3. महंगाई और खाद्य कीमतें
पिछले कुछ वर्षों में खाने-पीने की चीजों की कीमतों में तेज़ बढ़ोतरी हुई है। इससे मध्यम वर्ग और गरीब वर्ग पर सीधा असर पड़ा।
4. कम वेतन वाली नौकरियां
अमेरिका में लाखों लोग रेस्टोरेंट, डिलीवरी, स्टोर और सर्विस सेक्टर में काम करते हैं, जहां वेतन इतना कम होता है कि परिवार चलाना मुश्किल हो जाता है।
5. छात्र ऋण और कर्ज
अमेरिका में शिक्षा बहुत महंगी है। करोड़ों लोग छात्र ऋण के बोझ में दबे हुए हैं। इससे उनकी बचत और जीवन स्तर प्रभावित होता है।
क्या अमेरिका में भूख की समस्या सचमुच इतनी बड़ी है?
जी हां। अमेरिका में “Food Insecurity” यानी भोजन असुरक्षा एक गंभीर समस्या है। इसका मतलब है कि लोगों को यह भरोसा नहीं होता कि उनके पास अगले भोजन के लिए पर्याप्त पैसा होगा या नहीं।
अमेरिकी रिपोर्ट्स के अनुसार लाखों परिवार ऐसे हैं जिन्हें महीने के अंत तक भोजन की कमी का सामना करना पड़ता है। कई स्कूलों में बच्चों को मुफ्त भोजन दिया जाता है क्योंकि उनके परिवार पर्याप्त भोजन उपलब्ध नहीं करा पाते।
फूड बैंक और चैरिटी संस्थाओं के बाहर लंबी लाइनें अमेरिका में आम दृश्य बन चुकी हैं, खासकर आर्थिक मंदी और महामारी के बाद।
SNAP को लेकर राजनीतिक बहस
अमेरिका में फूड स्टैम्प हमेशा राजनीतिक बहस का विषय रहा है।
समर्थन करने वालों का तर्क
- यह गरीबों के लिए जीवन रेखा है
- इससे भूख कम होती है
- बच्चों का पोषण बेहतर होता है
- आर्थिक संकट में समाज को स्थिरता मिलती है
विरोध करने वालों का तर्क
- इससे सरकार पर भारी खर्च बढ़ता है
- कुछ लोग योजना का दुरुपयोग करते हैं
- लोगों में सरकारी सहायता पर निर्भरता बढ़ती है
हालांकि कई रिसर्च में पाया गया है कि SNAP में धोखाधड़ी की दर काफी कम है और अधिकांश लाभार्थी वास्तव में जरूरतमंद होते हैं।
क्या केवल गरीब ही SNAP लेते हैं?
दिलचस्प बात यह है कि अमेरिका में कई बार नौकरी करने वाले लोग भी SNAP के पात्र बन जाते हैं। इसका कारण यह है कि कई नौकरियों में वेतन इतना कम होता है कि परिवार की बुनियादी जरूरतें पूरी नहीं हो पातीं।
यानी अमेरिका में “काम करना” हमेशा आर्थिक सुरक्षा की गारंटी नहीं है।
अमेरिका का दूसरा चेहरा
दुनिया अमेरिका को तकनीक, हॉलीवुड, अरबपति कंपनियों और आधुनिक जीवनशैली के लिए जानती है। लेकिन SNAP पर निर्भर करोड़ों लोग यह दिखाते हैं कि आर्थिक विकास का लाभ हर व्यक्ति तक समान रूप से नहीं पहुंचा है।
एक तरफ दुनिया के सबसे अमीर लोग अमेरिका में रहते हैं, वहीं दूसरी तरफ करोड़ों लोग भोजन खरीदने के लिए सरकारी सहायता पर निर्भर हैं। यही अमेरिका की सबसे बड़ी आर्थिक विडंबनाओं में से एक है।
अमेरिका का “फूड स्टैम्प” सिस्टम केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि उस सामाजिक और आर्थिक असमानता का संकेत है जो दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के भीतर मौजूद है।
करीब 4 करोड़ से ज्यादा लोगों का भोजन के लिए सरकारी सहायता पर निर्भर होना यह बताता है कि आर्थिक ताकत के बावजूद गरीबी, महंगाई और असमानता जैसी समस्याएं अब भी गहरी हैं।
SNAP लाखों परिवारों के लिए सिर्फ राशन खरीदने का साधन नहीं, बल्कि भूख से बचने और सम्मान के साथ जीवन जीने की उम्मीद भी है।
