भोगापुरम (आंध्र प्रदेश): आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के भोगापुरम में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और जन सेना पार्टी प्रमुख पवन कल्याण भावुक हो गए। जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री और उनकी दिवंगत माता के खिलाफ कथित तौर पर की गई अभद्र टिप्पणियों का उल्लेख करते हुए पवन कल्याण मंच पर ही अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।
इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भोगापुरम स्थित अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन किया और लगभग 18,000 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व की खुलकर सराहना की।
जंतर-मंतर की घटना पर जताया दुख
अपने संबोधन में पवन कल्याण ने कहा कि जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए जिस प्रकार की भाषा का इस्तेमाल किया गया, उसने उन्हें भीतर तक आहत किया।
उन्होंने कहा कि देश की नई पीढ़ी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संघर्ष, समर्पण और राष्ट्र निर्माण के लिए किए गए अथक प्रयासों को समझना चाहिए। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री बिना किसी अवकाश के लगातार देश के विकास के लिए काम कर रहे हैं।
भावुक होते हुए उन्होंने कहा कि भारत में आज प्रधानमंत्री मोदी से बड़ा कोई नेता नहीं है और देश का नेतृत्व करना भगवान श्रीराम के दिव्य कर्तव्य जैसा है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे यह सोचें कि राष्ट्र निर्माण में वे स्वयं “हनुमान” की तरह क्या योगदान दे सकते हैं।
“140 करोड़ लोगों का देश चलाना आसान नहीं”
पवन कल्याण ने कहा कि एक परिवार का संचालन करना भी कठिन होता है, जबकि प्रधानमंत्री मोदी 140 करोड़ भारतीयों की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को देश के विकास के साथ-साथ बाहरी और आंतरिक चुनौतियों का भी सामना करना पड़ता है।
उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा आलोचकों और अपशब्द कहने वालों को क्षमा करने की भावना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह उनके व्यक्तित्व और संस्कारों को दर्शाता है।

चंद्रबाबू नायडू बोले- मोदी भारत के लिए आशीर्वाद
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत के लिए “आशीर्वाद” बताते हुए कहा कि वर्तमान समय में देश को उनके जैसा नेतृत्व मिलना सौभाग्य की बात है।
उन्होंने कहा कि भारत यदि वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य हासिल करना चाहता है, तो मजबूत और दूरदर्शी नेतृत्व की आवश्यकता होगी। नायडू ने प्रधानमंत्री मोदी को विश्व स्तर पर सम्मानित नेता बताते हुए देशवासियों से उनके नेतृत्व के साथ मजबूती से खड़े रहने की अपील की।
“दुनिया नेतृत्व के संकट से जूझ रही है”
चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि आज दुनिया के कई लोकतांत्रिक देश नेतृत्व के संकट से गुजर रहे हैं, जबकि भारत के पास अनुभवी और सिद्ध नेतृत्व मौजूद है।
उन्होंने कहा कि डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल भुगतान और तकनीकी विकास के क्षेत्र में भारत ने पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति की है, जिसका श्रेय प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व को जाता है।
“राष्ट्र प्रथम” ही मोदी का एजेंडा
मुख्यमंत्री नायडू ने कहा कि उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में कई नेताओं के साथ काम किया है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी जैसा स्पष्ट दृष्टिकोण और “राष्ट्र प्रथम” की सोच रखने वाला नेता उन्होंने नहीं देखा।
उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों, भू-राजनीतिक तनाव और जलवायु संबंधी समस्याओं के बावजूद भारत ने स्थिरता बनाए रखी है और इसका बड़ा श्रेय प्रधानमंत्री के नेतृत्व को जाता है।
विकास परियोजनाओं की मिली सौगात
भोगापुरम कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन करने के साथ-साथ लगभग 18,000 करोड़ रुपये की विभिन्न बुनियादी ढांचा और विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इन परियोजनाओं से आंध्र प्रदेश में कनेक्टिविटी, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
राजनीतिक संदेश भी रहा स्पष्ट
इस कार्यक्रम के दौरान टीडीपी और जन सेना पार्टी के नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व के प्रति अपना समर्थन दोहराया। जंतर-मंतर की घटना का उल्लेख करते हुए दोनों नेताओं ने प्रधानमंत्री के सम्मान और उनके नेतृत्व के समर्थन में जनता से एकजुट रहने की अपील की।
भोगापुरम की सभा केवल विकास परियोजनाओं के उद्घाटन तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के समर्थन का भी बड़ा राजनीतिक मंच बन गई। पवन कल्याण की भावुक प्रतिक्रिया और चंद्रबाबू नायडू के समर्थन ने यह संकेत दिया कि एनडीए के सहयोगी दल प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व को लेकर खुलकर उनके साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं।
