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FIFA World Cup 2026: भारत नहीं, लेकिन भारतीय मूल के ये 4 खिलाड़ी विश्व कप में दिखाएंगे दम

June 19, 2026 (Last updated: June 18, 2026) 1 minute read
FIFA World Cup 2026 भारत नहीं, लेकिन भारतीय मूल के ये 4 खिलाड़ी (2)

भारतीय फुटबॉल प्रेमियों के लिए गर्व का मौका
फीफा वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय फुटबॉल टीम भले ही अपनी जगह बनाने में सफल नहीं हो पाई हो, लेकिन भारतीय मूल के चार खिलाड़ी इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में अपनी-अपनी राष्ट्रीय टीमों का प्रतिनिधित्व करते हुए नजर आएंगे। ऐसे में करोड़ों भारतीय फुटबॉल प्रशंसकों के लिए यह गर्व और उत्साह का विषय है।

इस बार फीफा विश्व कप का आयोजन अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको की मेजबानी में हो रहा है। पहली बार 48 देशों की टीमें इस टूर्नामेंट में हिस्सा ले रही हैं। इन टीमों में न्यूज़ीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, कतर और डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो की ओर से चार भारतीय मूल के खिलाड़ी मैदान में उतरेंगे।

इन खिलाड़ियों के नाम हैं – सरप्रीत सिंह, निशान वेलुपिल्लै, तहसीन मोहम्मद जमशेद और सैमुअल मूटुस्सामी।

सरप्रीत सिंह: पंजाब से जुड़ी जड़ें, न्यूज़ीलैंड की उम्मीद
न्यूज़ीलैंड के स्टार मिडफील्डर सरप्रीत सिंह भारतीय मूल के सबसे चर्चित फुटबॉलरों में से एक हैं। ऑकलैंड में जन्मे सरप्रीत के माता-पिता पंजाब से न्यूज़ीलैंड जाकर बसे थे।

फुटबॉल के प्रति उनका जुनून बचपन से ही दिखाई देने लगा था। 16 साल की उम्र में उन्होंने पेशेवर फुटबॉल में कदम रखा और जल्द ही न्यूज़ीलैंड की राष्ट्रीय टीम तक पहुंच गए।

2018 में मुंबई में आयोजित इंटरकॉन्टिनेंटल कप के दौरान उन्होंने भारतीय टीम के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया था। बाद में उनके बेहतरीन खेल ने जर्मन क्लब बायर्न म्यूनिख का ध्यान आकर्षित किया और वह बुंडेसलीगा में खेलने वाले भारतीय मूल के पहले खिलाड़ी बने।

अब तक सरप्रीत न्यूज़ीलैंड के लिए 24 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं और तीन गोल भी कर चुके हैं।

तहसीन मोहम्मद जमशेद: कतर का युवा सितारा
20 वर्षीय तहसीन मोहम्मद जमशेद इस विश्व कप में कतर की टीम का हिस्सा हैं। उनके पिता केरल के थलसेरी से हैं जबकि माता भी केरल से संबंध रखती हैं। परिवार पिछले दो दशकों से कतर में रह रहा है।

तहसीन ने कतर की प्रतिष्ठित एस्पायर अकादमी में प्रशिक्षण लिया और कम उम्र में ही अल-दुहैल क्लब से पेशेवर फुटबॉल खेलना शुरू कर दिया।

उन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ विश्व कप क्वालिफायर मुकाबले में अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था। तेज़ रफ्तार और आक्रामक खेल शैली के कारण उन्हें कतर फुटबॉल का भविष्य माना जा रहा है।

निशान वेलुपिल्लै: ऑस्ट्रेलिया का उभरता आक्रमणकारी खिलाड़ी
ऑस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय टीम ‘सॉकरूज़’ के लिए खेलने वाले निशान वेलुपिल्लै भारतीय मूल के तीसरे खिलाड़ी हैं। उनकी मां एंग्लो-इंडियन हैं, जबकि उनके पिता श्रीलंकाई तमिल मूल के मलेशियाई परिवार से आते हैं।

मेलबर्न में पले-बढ़े निशान अपनी तेज़ गति और आक्रामक खेल के लिए जाने जाते हैं। 2024 में उन्होंने चीन के खिलाफ विश्व कप क्वालिफायर में अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया और उसी मैच में अपना पहला गोल भी दाग दिया।

अब तक वे सात अंतरराष्ट्रीय मैचों में तीन गोल कर चुके हैं और ऑस्ट्रेलियाई टीम के महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में गिने जाते हैं।

सैमुअल मूटुस्सामी: कांगो के लिए खेल रहा भारतीय मूल का मिडफील्डर
सैमुअल मूटुस्सामी का जन्म फ्रांस की राजधानी पेरिस में हुआ था। उनके पिता भारतीय तमिल मूल के हैं जबकि उनकी मां कांगो से हैं।

फीफा नियमों के तहत खिलाड़ियों को अपने माता-पिता की राष्ट्रीयता वाले देश का प्रतिनिधित्व करने की अनुमति होती है। इसी कारण सैमुअल ने डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो की राष्ट्रीय टीम को चुना।

2019 से वह कांगो के लिए खेल रहे हैं और अब तक 57 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में हिस्सा ले चुके हैं। हालांकि उनके नाम अंतरराष्ट्रीय गोल नहीं है, लेकिन मिडफील्ड में उनकी भूमिका बेहद अहम मानी जाती है।

भारत के लिए प्रेरणा बन सकते हैं ये खिलाड़ी
भारतीय मूल के इन खिलाड़ियों की सफलता यह दिखाती है कि भारतीय समुदाय विश्व फुटबॉल में लगातार अपनी पहचान बना रहा है। हालांकि भारत अभी तक फीफा विश्व कप के मुख्य चरण में जगह नहीं बना पाया है, लेकिन इन खिलाड़ियों की उपलब्धियां भारतीय युवाओं को बड़े सपने देखने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने की प्रेरणा देती हैं।

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में करोड़ों भारतीय प्रशंसकों की निगाहें इन चार खिलाड़ियों पर रहेंगी, जो अपनी-अपनी टीमों के लिए खेलते हुए भारतीय मूल का प्रतिनिधित्व भी करेंगे।

Tags: कतर फुटबॉल टीम तहसीन मोहम्मद जमशेद निशान वेलुपिल्लै न्यूज़ीलैंड फुटबॉल फीफा वर्ल्ड कप 2026 भारतीय फुटबॉल भारतीय मूल के खिलाड़ी विश्व कप 2026 सरप्रीत सिंह सैमुअल मूटुस्सामी

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