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थलपति विजय बने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री, राजनीति में नई शुरुआत का ऐतिहासिक क्षण

May 31, 2026 (Last updated: May 10, 2026) 1 minute read
थलपति विजय बने मुख्यमंत्री

फोटो साभार: DIPR

दक्षिण भारतीय सिनेमा के सुपरस्टार और लाखों युवाओं की पसंद Thalapathy Vijay ने आखिरकार तमिलनाडु की राजनीति में वह मुकाम हासिल कर लिया, जिसका उनके समर्थकों को लंबे समय से इंतजार था। अभिनेता से नेता बने विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर राज्य की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू कर दिया है। चेन्नई में आयोजित भव्य समारोह में हजारों समर्थकों की मौजूदगी के बीच विजय ने तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली।

यह केवल एक राजनीतिक बदलाव नहीं, बल्कि तमिलनाडु की जनता के मूड और नई पीढ़ी की उम्मीदों का भी संकेत माना जा रहा है। वर्षों तक फिल्मों के जरिए सामाजिक मुद्दों को उठाने वाले विजय अब सीधे सत्ता के केंद्र में पहुंच चुके हैं।

फिल्मों से राजनीति तक का सफर
विजय का राजनीतिक सफर अचानक नहीं था। पिछले कुछ वर्षों से उनकी फिल्मों और सार्वजनिक भाषणों में सामाजिक न्याय, शिक्षा, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे प्रमुखता से दिखाई दे रहे थे। इसके बाद उन्होंने अपनी पार्टी की घोषणा कर राजनीतिक मैदान में उतरने का फैसला किया।

उनकी पार्टी ने युवाओं, मध्यम वर्ग और पहली बार वोट देने वाले मतदाताओं के बीच तेजी से लोकप्रियता हासिल की। चुनाव प्रचार के दौरान विजय ने खुद को “जनता का नेता” बताते हुए शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और पारदर्शी शासन को अपना मुख्य एजेंडा बनाया।

चुनाव में बड़ी जीत
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में विजय की पार्टी ने अप्रत्याशित प्रदर्शन करते हुए बहुमत हासिल किया। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह जीत पारंपरिक राजनीति से लोगों की नाराजगी और बदलाव की चाह का परिणाम है।

ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक विजय की लोकप्रियता देखने को मिली। खासकर युवा मतदाताओं और महिलाओं ने उनकी पार्टी को मजबूत समर्थन दिया। चुनाव परिणाम आने के बाद चेन्नई, मदुरै, कोयंबटूर और तिरुचिरापल्ली समेत कई शहरों में समर्थकों ने जश्न मनाया।

शपथ ग्रहण समारोह में दिखा भव्य माहौल
चेन्नई में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में कई राजनीतिक हस्तियां, फिल्म जगत के कलाकार और उद्योग जगत के लोग शामिल हुए। समारोह की शुरुआत वंदे मातरम से हुई, जिसके बाद राष्ट्रगान और तमिल संस्कृति से जुड़े पारंपरिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।

मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद विजय ने कहा:

“यह जीत किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि तमिलनाडु की जनता की जीत है। मैं राज्य के हर नागरिक के लिए ईमानदारी और समर्पण के साथ काम करूंगा।”

उनके इस बयान पर समारोह स्थल तालियों से गूंज उठा।

विजय सरकार की प्राथमिकताएं
नई सरकार ने शुरुआती संकेतों में जिन मुद्दों पर फोकस करने की बात कही है, उनमें शामिल हैं:

  • युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर
  • सरकारी स्कूलों और कॉलेजों की गुणवत्ता सुधारना
  • महिलाओं की सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण
  • भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई
  • डिजिटल और टेक्नोलॉजी सेक्टर में निवेश बढ़ाना
  • ग्रामीण विकास और कृषि सुधार

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विजय के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी लोकप्रियता को प्रभावी प्रशासन में बदलने की होगी।

समर्थकों में भारी उत्साह
विजय के मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखा गया। सोशल मीडिया पर #ThalapathyVijay और #CMVijay ट्रेंड करने लगे। कई लोगों ने इसे “नई राजनीति की शुरुआत” बताया।

चेन्नई की सड़कों पर हजारों समर्थक पार्टी के झंडे और विजय के पोस्टर लेकर जश्न मनाते दिखाई दिए। मिठाइयां बांटी गईं और आतिशबाजी भी की गई।

विपक्ष ने क्या कहा?
विपक्षी दलों ने विजय को जीत की बधाई देते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनता का फैसला सर्वोपरि होता है। हालांकि विपक्ष ने यह भी कहा कि अब जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना नई सरकार की सबसे बड़ी परीक्षा होगी।

कुछ राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि विजय की राजनीति तमिलनाडु में पारंपरिक द्रविड़ राजनीति को नई दिशा दे सकती है।

क्या बदल पाएंगे तमिलनाडु की राजनीति?
तमिलनाडु की राजनीति लंबे समय से कुछ बड़े दलों के इर्द-गिर्द घूमती रही है। ऐसे में विजय का उभरना राज्य की राजनीति में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

फिल्मी दुनिया से राजनीति में आने वाले नेताओं का तमिलनाडु में लंबा इतिहास रहा है। M. G. Ramachandran और J. Jayalalithaa जैसे नेताओं ने पहले भी सिनेमा से राजनीति तक का सफल सफर तय किया था। अब विजय को उसी परंपरा का नया चेहरा माना जा रहा है।

आगे की राह
मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय के सामने अब सबसे बड़ी जिम्मेदारी अपने चुनावी वादों को जमीन पर उतारने की है। जनता को उनसे तेज फैसलों, पारदर्शिता और विकास की उम्मीदें हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यदि विजय अपनी लोकप्रियता को प्रशासनिक क्षमता में बदलने में सफल रहते हैं, तो वह आने वाले वर्षों में राष्ट्रीय राजनीति में भी बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।

तमिलनाडु की राजनीति में यह बदलाव केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि एक नई राजनीतिक सोच और नई पीढ़ी के नेतृत्व का संकेत माना जा रहा है।

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