दुनिया की वित्तीय व्यवस्था में यदि किसी स्थान का नाम रहस्य, शक्ति और विश्वास का प्रतीक माना जाता है, तो वह है अमेरिका का फोर्ट नॉक्स (Fort Knox)। यह वही जगह है जहां अमेरिकी सरकार के विशाल स्वर्ण भंडार (Gold Reserves) का बड़ा हिस्सा सुरक्षित रखा गया है। दशकों से फोर्ट नॉक्स को अमेरिकी आर्थिक ताकत का प्रतीक माना जाता रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में एक सवाल बार-बार उठ रहा है – क्या अब फोर्ट नॉक्स का वास्तविक और स्वतंत्र भौतिक ऑडिट होना चाहिए?
यह सवाल केवल षड्यंत्र सिद्धांतों तक सीमित नहीं है, बल्कि अर्थशास्त्रियों, निवेशकों और कई राजनीतिक नेताओं द्वारा भी समय-समय पर उठाया गया है।
क्या है फोर्ट नॉक्स?
फोर्ट नॉक्स अमेरिकी राज्य केंटकी में स्थित एक अत्यधिक सुरक्षित सैन्य परिसर है। इसके भीतर स्थित United States Bullion Depository में अमेरिका के स्वर्ण भंडार का बड़ा हिस्सा रखा गया है।
अमेरिकी ट्रेजरी के अनुसार यहां लगभग 147.3 मिलियन ट्रॉय औंस (लगभग 4,580 टन) सोना रखा गया है। यह अमेरिका के कुल आधिकारिक स्वर्ण भंडार का लगभग आधा हिस्सा है।
आज के सोने के दामों पर इसकी कीमत सैकड़ों अरब डॉलर में बैठती है।
विवाद क्यों है?
विवाद का मुख्य कारण यह है कि फोर्ट नॉक्स में रखे गए सोने का दशकों से कोई व्यापक, स्वतंत्र और सार्वजनिक भौतिक ऑडिट नहीं हुआ है।
हालांकि अमेरिकी ट्रेजरी नियमित रूप से यह दावा करती है कि सोना सुरक्षित है और उसकी निगरानी होती रहती है, लेकिन आलोचकों का कहना है कि:
- पूरे भंडार की सार्वजनिक गणना नहीं हुई है।
- स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय ऑडिट की अनुमति नहीं दी गई।
- जनता को वास्तविक समय का सत्यापन उपलब्ध नहीं है।
- अधिकांश जानकारी सरकारी रिपोर्टों पर आधारित है।
यही कारण है कि समय-समय पर यह मांग उठती रहती है कि सोने की ईंटों की संख्या, वजन और शुद्धता की सार्वजनिक जांच कराई जाए।
क्या फोर्ट नॉक्स कभी खुला है?
फोर्ट नॉक्स दुनिया की सबसे सुरक्षित जगहों में से एक माना जाता है। यहां आम जनता को प्रवेश नहीं मिलता।
1974 में कुछ पत्रकारों और सांसदों को सीमित दौरा कराया गया था। इसके बाद 2017 में अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्टीव म्नुचिन और कुछ अधिकारियों ने भी परिसर का दौरा किया था।
लेकिन आलोचकों का कहना है कि इन दौरों को पूर्ण ऑडिट नहीं माना जा सकता।
क्यों बढ़ रही है ऑडिट की मांग?
1. डॉलर पर बढ़ता दबाव
दुनिया तेजी से बहुध्रुवीय आर्थिक व्यवस्था की ओर बढ़ रही है। कई देश डॉलर पर निर्भरता कम करने की कोशिश कर रहे हैं।
ऐसे समय में अमेरिका के स्वर्ण भंडार की पारदर्शिता को लेकर सवाल और महत्वपूर्ण हो जाते हैं।
2. केंद्रीय बैंकों की बढ़ती सोना खरीद
पिछले कुछ वर्षों में चीन, रूस, भारत और कई अन्य देशों के केंद्रीय बैंकों ने बड़े पैमाने पर सोना खरीदा है।
जब पूरी दुनिया सोने की ओर लौट रही है, तब अमेरिका के सबसे बड़े स्वर्ण भंडार की स्वतंत्र जांच की मांग स्वाभाविक रूप से बढ़ती है।
3. जनता का विश्वास
किसी भी फिएट मुद्रा प्रणाली की सबसे बड़ी ताकत विश्वास होती है।
यदि अमेरिकी सरकार नियमित और पारदर्शी ऑडिट कराती है, तो इससे वैश्विक वित्तीय प्रणाली में विश्वास और मजबूत हो सकता है।
षड्यंत्र सिद्धांत क्या कहते हैं?
वर्षों से कई तरह के दावे सामने आते रहे हैं:
- कुछ लोग दावा करते हैं कि सोना पूरी मात्रा में मौजूद नहीं है।
- कुछ का कहना है कि सोने का एक हिस्सा गिरवी रखा गया हो सकता है।
- कुछ का आरोप है कि आधिकारिक आंकड़े वास्तविक स्थिति को नहीं दर्शाते।
हालांकि इन दावों के समर्थन में कोई ठोस सार्वजनिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।
यही कारण है कि स्वतंत्र ऑडिट की मांग करने वाले लोग कहते हैं कि एक बार पारदर्शी जांच हो जाए तो ऐसे सभी विवाद समाप्त हो सकते हैं।
यदि ऑडिट हुआ तो क्या होगा?
यदि अमेरिका पूर्ण और स्वतंत्र भौतिक ऑडिट करवाता है और सभी भंडार की पुष्टि हो जाती है, तो:
- डॉलर में विश्वास मजबूत होगा।
- सोने को लेकर फैली अफवाहें खत्म होंगी।
- वैश्विक वित्तीय बाजारों में सकारात्मक संदेश जाएगा।
लेकिन यदि किसी प्रकार की विसंगति सामने आती है, तो उसका असर वैश्विक वित्तीय बाजारों पर पड़ सकता है।
क्या दुनिया के अन्य देश भी ऐसा करते हैं?
जर्मनी, ऑस्ट्रिया, नीदरलैंड और अन्य देशों ने पिछले वर्षों में अपने विदेशी स्वर्ण भंडार की जांच और पुनर्स्थापन (Repatriation) की प्रक्रियाएं चलाई हैं।
इससे स्वर्ण भंडार की पारदर्शिता पर वैश्विक चर्चा और तेज हुई है।
फोर्ट नॉक्स में सोना है या नहीं, यह सवाल शायद गलत है। असली सवाल यह है कि क्या दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था को अपने स्वर्ण भंडार का पूर्ण, स्वतंत्र और सार्वजनिक भौतिक ऑडिट कराना चाहिए?
जब दुनिया के केंद्रीय बैंक रिकॉर्ड स्तर पर सोना खरीद रहे हैं, डॉलर की वैश्विक भूमिका पर बहस चल रही है और वित्तीय पारदर्शिता की मांग बढ़ रही है, तब “Time to Physically Audit Fort Knox?” केवल एक राजनीतिक नारा नहीं बल्कि एक महत्वपूर्ण आर्थिक प्रश्न बन चुका है।
पारदर्शिता जितनी अधिक होगी, विश्वास उतना ही मजबूत होगा। और वित्तीय व्यवस्था में विश्वास ही सबसे बड़ी पूंजी है।
