छोड़कर सामग्री पर जाएँ
Bharatnama

Bharatnama

तेज़ भी, सटीक भी

प्राथमिक सूची
  • होम पेज
  • भारत
  • विदेश
  • भू-रणनीति
  • विशेष शृंखला
  • इतिहास
  • स्वास्थ्य
  • फ़ाइनेंस
  • खेल-कूद
  • मनोरंजन
लाइट/डार्क बटन
  • मुख पृष्ठ
  • भारत
  • ममता बनर्जी का इस्तीफ़ा देने से इनकार: संविधान क्या कहता है?
  • भारत

ममता बनर्जी का इस्तीफ़ा देने से इनकार: संविधान क्या कहता है?

जुलाई 13, 2026 (अंतिम अद्यतन: मई 5, 2026) 1 मिनट पढ़ें
Mamata Banerjee's resignation defiance

कोलकाता | पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। तृणमूल कांग्रेस की हार के बावजूद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस्तीफ़ा देने से साफ़ इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि वे चुनाव नहीं हारी हैं, इसलिए पद छोड़ने का सवाल ही नहीं उठता। इस बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उनके बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है और इसे संवैधानिक परंपराओं के ख़िलाफ़ बताया है।

ममता बनर्जी का बयान
चुनाव परिणामों के बाद अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में ममता बनर्जी ने कहा,
“मैं क्यों इस्तीफ़ा दूं? हम हारे नहीं हैं। अगर हार का कोई ठोस सबूत होता तो मैं इस्तीफ़ा देती। ज़बरदस्ती कोई मुझसे इस्तीफ़ा नहीं दिलवा सकता।”

उन्होंने चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि राज्य में उनकी पार्टी की हार के लिए आयोग ज़िम्मेदार है। साथ ही उन्होंने कहा कि वह बीजेपी के “अत्याचारों” के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगी और पार्टी नेताओं के साथ आगे की रणनीति तय करेंगी।

बीजेपी का पलटवार
बीजेपी प्रवक्ता देबजीत सरकार ने ममता बनर्जी के बयान को “हास्यास्पद” बताया। उन्होंने कहा,
“संवैधानिक प्रक्रिया में विश्वास करने वाला कोई भी व्यक्ति इस तरह की बातें नहीं कर सकता। यह सिर्फ सुर्खियों में बने रहने की कोशिश है।”

संविधान क्या कहता है?
भारत के संविधान में मुख्यमंत्री के पद और उसकी वैधता को लेकर स्पष्ट प्रावधान हैं:

अनुच्छेद 164

  • भारतीय संविधान का अनुच्छेद 164 के अनुसार मुख्यमंत्री राज्यपाल की “इच्छा” तक पद पर बने रहते हैं।
  • यह “इच्छा” व्यक्तिगत नहीं, बल्कि विधानसभा में बहुमत के समर्थन पर आधारित होती है।
  • चुनाव के बाद राज्यपाल बहुमत वाली पार्टी या गठबंधन को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करते हैं।

बहुमत का महत्व
यदि किसी मुख्यमंत्री के पास विधानसभा में बहुमत नहीं रहता, तो उनका पद पर बने रहना संवैधानिक रूप से संभव नहीं होता। ऐसे में:

मुख्यमंत्री इस्तीफ़ा दे सकते हैं, या
राज्यपाल मंत्रिपरिषद को बर्खास्त कर सकते हैं।

अनुच्छेद 172

  • भारतीय संविधान का अनुच्छेद 164 के मुताबिक, विधानसभा का कार्यकाल 5 साल का होता है।
  • कार्यकाल समाप्त होते ही विधानसभा स्वतः भंग हो जाती है और नई सरकार का गठन होता है।

विशेषज्ञों की राय
संवैधानिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस्तीफ़ा देना एक स्थापित परंपरा है, हालांकि यह हमेशा अनिवार्य कानूनी शर्त नहीं होती।

  • संवैधानिक विशेषज्ञों के अनुसार, मुख्यमंत्री का पद विधानसभा के विश्वास पर टिका होता है।
  • यदि नई विधानसभा में बहुमत नहीं है, तो मुख्यमंत्री पद पर बने नहीं रह सकते।
  • इस्तीफ़ा देना जनादेश को स्वीकार करने का प्रतीक माना जाता है, जबकि कानूनी रूप से राज्यपाल नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।

पूर्व लोकसभा महासचिव पीडीटी आचार्य का कहना है कि तकनीकी रूप से मुख्यमंत्री को तुरंत इस्तीफ़ा देने की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन वे केवल नई सरकार के शपथ लेने तक ही पद पर बने रह सकते हैं।

ममता बनर्जी का इस्तीफ़ा न देने का फैसला राजनीतिक रूप से भले ही चर्चा का विषय हो, लेकिन संवैधानिक व्यवस्था साफ़ तौर पर बहुमत के सिद्धांत पर आधारित है। अंततः राज्यपाल की भूमिका और नई विधानसभा में बहुमत का समर्थन तय करेगा कि अगली सरकार कौन बनाएगा।

Tags: अनुच्छेद 164 अनुच्छेद 172 इस्तीफा विवाद चुनाव परिणाम 2026 तृणमूल कांग्रेस पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 पश्चिम बंगाल राजनीति बीजेपी भारतीय संविधान ममता बनर्जी मुख्यमंत्री इस्तीफा राज्यपाल की भूमिका

पोस्ट नेविगेशन

पिछला: भवानीपुर में बड़ा उलटफेर: ममता बनर्जी को शुभेंदु अधिकारी ने हराया
अगला: बंगाल में टैगोर जयंती पर बीजेपी सरकार का शपथ ग्रहण, सीएम चेहरे पर सस्पेंस बरकरार

संबंधित कहानियां

ISKCON to provide mid-day meals
  • भारत

कोलकाता के सरकारी स्कूलों में अब ISKCON देगा मिड-डे मील, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने किया बड़ा ऐलान

जुलाई 13, 2026
Politicians greet in formal gathering
  • भारत

इंडिया गठबंधन की बैठक के बाद कांग्रेस की स्थिति मजबूत, लेकिन दक्षिण भारत में प्रतिनिधित्व की कमी बनी चिंता

जुलाई 13, 2026
अन्नामलाई का राजनीतिक आंदोलन
  • भारत

बीजेपी से अलग हुए अन्नामलाई, तमिलनाडु में नए राजनीतिक आंदोलन का ऐलान; दक्षिण भारतीय राजनीति में बड़ा बदलाव?

जुलाई 13, 2026

Archives

  • जुलाई 2026
  • जून 2026
  • मई 2026
  • अप्रैल 2026

Categories

  • इतिहास
  • खेल-कूद
  • फ़ाइनेंस
  • भारत
  • भू-रणनीति
  • मनोरंजन
  • विदेश
  • विशेष शृंखला
  • व्यापार
  • स्वास्थ्य

आप चूक गए होंगे

Global dollar flow and finance cycle
  • फ़ाइनेंस
  • विदेश

क्या दुनिया का पैसा अमेरिका के कर्ज को चला रहा है? समझिए ‘डॉलर सर्कुलर फाइनेंस’ का पूरा खेल

जुलाई 13, 2026
ISKCON to provide mid-day meals
  • भारत

कोलकाता के सरकारी स्कूलों में अब ISKCON देगा मिड-डे मील, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने किया बड़ा ऐलान

जुलाई 13, 2026
बेंजामिन नेतन्याहू
  • विदेश

नेतन्याहू का बड़ा बयान: “मैं वह हर काम नहीं करता जो ट्रंप चाहते हैं”, अमेरिका-इसराइल संबंधों में बढ़ी दूरी के संकेत

जुलाई 13, 2026
FIFA World Cup 2026 भारत नहीं, लेकिन भारतीय मूल के ये 4 खिलाड़ी (2)
  • खेल-कूद

FIFA World Cup 2026: भारत नहीं, लेकिन भारतीय मूल के ये 4 खिलाड़ी विश्व कप में दिखाएंगे दम

जुलाई 13, 2026
  • About
  • Contact us
  • Privacy Policy
Bharatnama Copyright © 2026 All rights reserved. | ReviewNews द्धारा AF themes.
Hindi
English